Cart
Jab Main Ghar Pahuncha to Ghoda Ja Chuka Tha

Jab Main Ghar Pahuncha to Ghoda Ja Chuka Tha

  • Name: ​जब मैं घर पंहुचा तो घोडा जा चूका था
  • Publisher/Group: Eklavya
  • Product Code: 9789391132255
  • Author: Hans Sande / हाँस सांडे
  • Illustrator: Wenche Oyen / वेंके अय्यन
  • Translator: Rustam Singh / रुस्तम सिंह
  • ISBN-13: 978-93-91132-25-5
  • Binding: Hard Cover
  • No. Of Pages: 36
  • Language: Hindi
  • PublishingDate: 2021
  • Availability: 999
  • $ 0.00

     
  • Ex Tax: $ 0.00

युद्ध खत्म होने के बाद जब मैं घर पंहुचा तो टोबा जा चूका था. मैंने उसे बहुत ढूंढा। 

मेरे पास सेबों से भरा एक बैग था. टोबो को सेब बहुत पसंद थे. मैं "टोबो , टोबो " पहाड़ पर भागा।

पर वो मुझे वहां पर भी नहीं मिला.

जैसे ही वह मुझे मिलेगा , मैं उस पर चढ़कर पहाड़ों में घूमूँगा।
तुम भी चलोगे ना ..


Write a review

Note: HTML is not translated!
    Bad           Good
Captcha